यूपी पंचायत चुनाव 2026: प्रधानों की लामबंदी; "प्रशासक नहीं, हमें ही सौंपी जाए गांवों की कमान"

यूपी पंचायत चुनाव 2026: प्रधानों की लामबंदी; "प्रशासक नहीं, हमें ही सौंपी जाए गांवों की कमान"

UP Panchayat Elections 2026: Mobilization of Village Heads

UP Panchayat Elections 2026: Mobilization of Village Heads

लखनऊ। UP Panchayat Elections 2026: Mobilization of Village Heads, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाना तय हो जाने के बाद प्रदेश भर के ग्राम प्रधान लामबंद होने लगे हैं। बुधवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में कहा गया कि पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाने को देखते हुए सरकार प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए। प्रशासक न बिठाए जाएं, इससे गांवों का विकास बाधित होता है।

सरकार चाहे तो प्रधानों को ही प्रशासक बनाने पर भी विचार कर सकती है, इसके लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

जनभवन के सामने संघ भवन सभागार में आयोजित बैठक में आए भाजपा के शासकीय समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक सेवानिवृत्त आईपीएस डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने प्रधानों को आश्वस्त किया कि वह मांगों को सरकार तक पहुंचा देंगे।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने कहा कि सरकार मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाकर कार्यकाल बढ़ाए। मध्य प्रदेश और राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों राज्यों में सरपंचों (प्रधानों) को प्रशासक बनाया गया था।

मांग की गई कि प्रधानों की सुरक्षा के लिए पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा जाए तथा प्रधानों व उनके स्वजन के खिलाफ सघन जांच के बाद ही मुकदमे दर्ज किए जाएं।

बताया कि जल्द ही हम लोग उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पंचायती राज मंत्री राजभर से मिलेंगे। बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को संगठन की मांगों से अवगत कराया।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का प्रकाशन ही 10 जून को करेगा। चुनाव का मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में है।